Posts

राजनीति और हमारा समाज

Image
राजनीति और हमारा समाज अधूरे संतों ने पित्तर पूजा, मूर्ति पूजा और श्राद्ध निकलवाने शुरू कर दिए भोले हिन्दू धर्म के श्रद्धालुओं से जो कि शास्त्र विरुद्ध पूजा है। हिन्दू धर्म के वर्तमान के सब गुरुजन, आचार्य, शंकराचार्य, सर्व अखाड़ों के महंत, महामण्डलेश्वर तथा जो गीता मनीषि की उपाधि प्राप्त हैं, आदि-आदि सभी शास्त्रज्ञान नेत्रहीन हैं यानि इनको आध्यात्मिक मोतियाबिंद हुआ है।  वर्तमान में संत रामपाल जी महाराज के अतिरिक्त सबको आध्यात्मिक मोतियाबिंद का रोग है। इनको अपने हिन्दू धर्म के शास्त्रों का ही ज्ञान नहीं है